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गरà¥à¤ में जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में से à¤à¤• की मौत होना â€à¤µà¥ˆà¤¨à¤¿à¤¶à¤¿à¤‚ग टà¥à¤µà¤¿à¤¨ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®â€ कहा जाता है। गरà¥à¤ में à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ का ठीक से विकास न होने के कारण à¤à¤¸à¤¾ होता है। गरà¥à¤ में जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ होने पर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला की परेशानियां बढ़ जाती हैं।
हैलो सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की डॉ सà¥à¤·à¤®à¤¾ तोमर, इनफरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤²à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ और à¤à¤‚डोसà¥à¤•ोपिक सरà¥à¤œà¤¨ (फोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤², कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ ) से हà¥à¤ˆ बातचीत के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, â€à¤¯à¤¦à¤¿ गरà¥à¤ में जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में से à¤à¤•, दूसरे या तीसरे टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° में मर जाता है, तो जीवित बचà¥à¤šà¥‡ के लिठखतरा बढ़ जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में कई बार, बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कई गà¥à¤¨à¤¾ बढ़ जाती है और महिला की डिलिवरी समय से पहले करनी पड़ सकती है। à¤à¤¸à¥‡ मामलों में जीवित à¤à¥à¤°à¥‚ण में सेरेबà¥à¤°à¤² पालà¥à¤¸à¥€ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है। डिलिवरी के समय, कई बार फीटस पेपैरासीयस ( ( मृत बचà¥à¤šà¥‡ के अवशेष, जो कि दूसरे बचà¥à¤šà¥‡ या गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से चिपके होते हैं) देखने को मिलता है।
यदि दोनों बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¤• ही सेकà¥à¤¸ के हैं और à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ की डेथ हो गई है, तो à¤à¤¸à¥‡ में मृत à¤à¥à¤°à¥‚ण जो चार सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से अधिक समय तक यूटà¥à¤°à¤¸ के अंदर रहता है, बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग डिसऑरà¥à¤¡à¤° का कारण बन सकता है। इसके लकà¥à¤·à¤£ इस बात पर निरà¥à¤à¤° करते हैं कि गरà¥à¤ में जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¤• ही à¤à¤®à¥à¤¨à¥€à¤†à¤Ÿà¤¿à¤• थैली में हैं या अलग थैली में? 75% जà¥à¥œà¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ अलग-अलग à¤à¤®à¥à¤¨à¥€à¤†à¤Ÿà¤¿à¤• थैली में विकसित होते हैं, उनके अलग-अलग पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा होते हैं; जो कि अचà¥à¤›à¤¾ है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को à¤à¤• से दूसरे (मां से बचà¥à¤šà¥‡ तक) तक रोक सकता है।
वैनिशिंग टà¥à¤µà¤¿à¤¨ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® का पता 1945 में चला था। यदि महिला के गरà¥à¤ में à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ का ठीक से विकास न हà¥à¤† हो और उसकी मृतà¥à¤¯à¥ हो जाà¤, इस अवसà¥à¤¥à¤¾ को “वैनिशिंग टà¥à¤µà¤¿à¤¨ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®â€ का नाम दिया गया है। इस अवसà¥à¤¥à¤¾ का सामना कई महिलाओं को करना पड़ता है। à¤à¤¸à¥‡ में महिलाओं की चिंता अपने दूसरे बचà¥à¤šà¥‡ के लिठऔर à¤à¥€ बॠजाती है। उनके मन में अनेको पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ होते हैं, जैसे: दूसरे बचà¥à¤šà¥‡ का विकास ठीक से हो रहा है या नहीं? डिलिवरी के बाद कहीं बचà¥à¤šà¥‡ को कोई शारीरिक à¤à¤µà¤‚ मानसिक परेशानियां तो नहीं होंगी?
जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ बेबीज: वैनिशिंग टà¥à¤µà¤¿à¤¨ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® की पहचान कैसे की जाती है?
पहले के जमाने में, डिलिवरी के बाद नाल के परीकà¥à¤·à¤£ से वैनिशिंग टà¥à¤µà¤¿à¤¨ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® की पहचान की जाती थी लेकिन आज के तकनीकी यà¥à¤— में, अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के जरिठपहले टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° में ही जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ या दो से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥à¤°à¥‚णों की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का पता लगाया जा सकता है।
उदाहरण के लिà¤:
à¤à¤• महिला गरà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 6 या 7 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करवाती है। उस समय डॉकà¥à¤Ÿà¤° महिला के गरà¥à¤ में जà¥à¥œà¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ होने की जानकारी देता है, परंतॠअगली बार अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करवाने पर केवल à¤à¤• ही बचà¥à¤šà¥‡ की दिल की धड़कन सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ पड़ती है।
पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‹à¤¨à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ के उपयोग के बाद से वैनिशिंग टà¥à¤µà¤¿à¤¨ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® के मामले जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सामने आठहैं। अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ लगाया गया है कि 21-30% वैनिशिंग टà¥à¤µà¤¿à¤¨ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®, मलà¥à¤Ÿà¥€à¤«à¥‡à¤Ÿà¤² पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सीज में होते हैं।
गरà¥à¤ में जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ में से à¤à¤• की मृतà¥à¤¯à¥ के कारण कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में, वैनिशिंग टà¥à¤µà¤¿à¤¨ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® का कारण साफ नहीं है। परंतॠइसके कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ और संकेत होते हैं जो वैनिशिंग टà¥à¤µà¤¿à¤¨ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® की तरफ इशारा करते हैं। कà¥à¤› रिसरà¥à¤šà¤¸ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° 30 वरà¥à¤· से ऊपर की महिलों में वैनिशिंग टà¥à¤µà¤¿à¤¨ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® देखा गया है। गरà¥à¤ में जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ में से à¤à¤• का मरना वैनिशिंग टà¥à¤µà¤¿à¤¨ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® की वजह से होता है।
लकà¥à¤·à¤£: आमतौर पर वैनिशिंग टà¥à¤µà¤¿à¤¨ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® के लकà¥à¤·à¤£ पहले टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° में शà¥à¤°à¥‚ होते हैं। इसमें रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में à¤à¤‚ठन, और पेलà¥à¤µà¤¿à¤• à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में दरà¥à¤¦ होता है। यदि गरà¥à¤ में à¤à¤• शिशॠकी मृतà¥à¤¯à¥ हो जाती है, तो इसका पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² में असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ या पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा हो सकता है। साथ ही यह विकसित होते à¤à¥à¤°à¥‚ण में किसी पà¥à¤°à¤•ार के विकार की तरफ à¤à¥€ संकेत करता है।
जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ बेबीज: गरà¥à¤ में जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ में से अगर à¤à¤• की मृतà¥à¤¯à¥ हो जाà¤, तो ये सावधानी बरतें-
यदि à¤à¤• शिशॠकी गरà¥à¤ में मृतà¥à¤¯à¥ हो जाती है, तो गरà¥à¤ में पल रहे दूसरे बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ परेशानियां होने का जोखिम बढ़ जाता है। जीवित शिशॠको मानसिक समसà¥à¤¯à¤¾ होने का à¤à¥€ खतरा अधिक रहता है। à¤à¤¸à¥‡ में, अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह जरूर लें।
आमतौर पर देखा गया है कि à¤à¥à¤°à¥‚ण की मृतà¥à¤¯à¥ दूसरे या तीसरे टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° में होती है, इस अवसà¥à¤¥à¤¾ को “पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी हाई रिसà¥à¤•†कहा जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में तà¥à¤°à¤‚त ही इलाज की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
गरà¥à¤ में जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में से à¤à¤• की मृतà¥à¤¯à¥ हो जाठतो महिला को à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¤à¤¿à¤¥à¤¿ में अपने खान- पान का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤, जिससे की दूसरे बचà¥à¤šà¥‡ को कोई हानि न पहà¥à¤‚चे और उसका सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ अचà¥à¤›à¤¾ रहे।
गरà¥à¤ में जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ होने पर अगर पहली तिमाही के दौरान à¤à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ की मौत हो जाती है तो आमतौर पर यह जीवित बचà¥à¤šà¥‡ के विकास को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ नहीं करती है। अगर आपको पहले से पता है कि आपके गरà¥à¤ में जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ है और आप जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की अपेकà¥à¤·à¤¾ करने के बारे में उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ थे, तो à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ की मौत होना आपको दà¥à¤–ी कर सकता है। इसे वैनिशिंग टà¥à¤µà¤¿à¤¨ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® कहा जाता है जब गरà¥à¤ में जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ शà¥à¤°à¥‚आत के सà¥à¤•ैन में दिखाई दे लेकिन आपके डेटिंग सà¥à¤•ैन में केवल à¤à¤• ही बचà¥à¤šà¤¾ दिखाई देता है। आप कà¥à¤› हलà¥à¤•े à¤à¤‚ठन और धबà¥à¤¬à¥‡à¤¦à¤¾à¤° या हलà¥à¤•े बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग के अलावा कà¥à¤› और लकà¥à¤·à¤£ अनà¥à¤à¤µ कर सकते हैं।
दूसरी या तीसरी तिमाही में गरà¥à¤ में जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ में से à¤à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ के नà¥à¤•सान के साथ जीवित जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ के साथ जटिलताओं की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है। आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको और आपके बचà¥à¤šà¥‡ की सावधानीपूरà¥à¤µà¤• निगरानी करेगा। वह आपके बचà¥à¤šà¥‡ को आपके गरà¥à¤ में थोड़ी देर रखने के बीच सही संतà¥à¤²à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करेगी, और यह आकलन करेगी कि कà¥à¤¯à¤¾ वह जलà¥à¤¦à¥€ पैदा होने के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है।अधिकांश बचà¥à¤šà¥‡ जिनके सह-जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ दूसरी तिमाही या तीसरी तिमाही में खो जाते हैं, वे सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ पैदा होते हैं। हालांकि सेरेबà¥à¤°à¤² पालà¥à¤¸à¥€ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का खतरा बढ़ जाता है विशेषकर समान जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिà¤à¥¤
उमà¥à¤®à¥€à¤¦ करते हैं कि आपको इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल की जानकारी पसंद आई होगी और आपको गरà¥à¤ में जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ सà¤à¥€ जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अगर आपके मन में अनà¥à¤¯ कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबà¥à¤• पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सà¤à¥€ सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉकà¥à¤¸ में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिठआप ये आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल जरूर शेयर करें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में वजन बढ़ना
यह टूल विशेष रूप से उन महिलाओं के लिठतैयार किया गया है, जो यह जानना चाहती हैं कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान उनका सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रूप से कितना वजन बढ़ना चाहिà¤, साथ ही उनके वजन के अनà¥à¤°à¥‚प पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान कितना वजन होना उचित है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ होते ही पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला की à¤à¤• विशेष देखà¤à¤¾à¤² à¤à¥€ शà¥à¤°à¥‚ होती है। खानपान à¤à¥€ इसी देखà¤à¤¾à¤² का à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¤¾ है। आपने अकà¥à¤¸à¤° अपने बड़े-बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों से सà¥à¤¨à¤¾ होगा कि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में ये मत खाओ, वो मत खाओ। ये खाने से बचà¥à¤šà¤¾ गोरा होता है, वो खाने से बचà¥à¤šà¥‡ के सेहत पर असर पड़ता है। कई महिलाओं के मन में à¤à¤• सवाल यह à¤à¥€ आता है कि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में मूली का सेवन करना सही है या नहीं। कहीं इसके सेवन से बचà¥à¤šà¥‡ के सेहत पर कोई बà¥à¤°à¤¾ असर ना पड़े। इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में आप जानेंगे कि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में मूली का सेवन करने के फायदे और नà¥à¤•सान कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
मूली गाजर की तरह ही à¤à¤• जड़ है। जो जमीन के अंदर होती है और इसकी पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ सरसों की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की तरह हरी होती है। मूली की जड़ और पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ दोनों खाई जाती है। ये अकà¥à¤¸à¤° सपेद रंग का होता है। मूली बहà¥à¤¤ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• सबà¥à¤œà¥€ मानी जाती है। 100 गà¥à¤°à¤¾à¤® मूली में निमà¥à¤¨ पोषक ततà¥à¤µ पाठजाते हैं :
कैलोरी 16
फैट –0.1 गà¥à¤°à¤¾à¤®
कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² –0 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤®
सोडियम –39 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤®
पोटैशियम- 233 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤®
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ- 3.4 गà¥à¤°à¤¾à¤®
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ – 0.7 गà¥à¤°à¤¾à¤®
उपरोकà¥à¤¤ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के अलावा मूली में फोलेट, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, विटामिन सी, विटामिन à¤, विटामिन बी, जिंक और मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨ à¤à¥€ पाया जाता है। ये सà¤à¥€ ततà¥à¤µ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में मूली का सेवन करने से मां के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ तक पहà¥à¤‚चता है और गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ से विकास में मदद करता है।
मूली को खाने से पहले हलà¥à¤•े गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से अचà¥à¤›à¥€ तरह से साफ कर लेना चाहिà¤à¥¤ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह जमीन से निकली हà¥à¤ˆ सबà¥à¤œà¥€ है, à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में पेट में कीड़े होने का रिसà¥à¤• कम हो जाता है। इसके अलावा à¤à¥€ जमीन के अंदर उगने वाली सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में कई तरह के परजीवी à¤à¥€ हो सकते हैं, मां और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकते हैं। इसलिठथोड़ी देर तक गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को छोड़ देना चाहिà¤à¥¤â€
कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में मूली के पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन करना सही है?
बहà¥à¤¤ सारे लोग मूली के जड़ के साथ-साथ उसकी पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को सलाद या सबà¥à¤œà¥€ के रूप में खाना पसंद करते हैं। जैसा कि ऊपर बताया गया कि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में मूली का सेवन पूरी तरह से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है, तो आप मूली की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ खा सकती हैं। वैसे à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खाने के लिठकहा जाता है। मूली कि पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥€à¤¶à¤¨à¤² वैलà¥à¤¯à¥‚ मूली की जड़ की तरह ही होती है, सिरà¥à¤« उसमें कà¥à¤²à¥‹à¤°à¥‹à¤«à¤¿à¤² जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मिलता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में मूली का सेवन करने के फायदे कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में मूली का सेवन करने के फायदे निमà¥à¤¨ हैं :
पाचन को दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ करता है
मूली में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में डायटà¥à¤°à¥€ फाइबर पाठजाते हैं, जो खाने को पचने में मदद करती है। वहीं, आंतों के मूवमेंट और अपाचन की समसà¥à¤¯à¤¾ में राहत पहà¥à¤‚चाती है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में मूली खाने से पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ दूर होती है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ होना आम बात है। अगर à¤à¤¸à¥‡ समय में फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ खाना खाया जाठको कॉनà¥à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤ªà¥‡à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचा जा सकता है। खाने में फल, सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और अनाज को शामिल करने से फाइबर की उचित मातà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होती है। अगर आप कम पानी पीते हैं तो à¤à¥€ कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। आप मूली का सेवन रोजाना सलाद के रूप में कर सकती हैं। à¤à¤• बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि किसी à¤à¥€ सबà¥à¤œà¥€ या फिर फल का अधिक सेवन न करें। आप सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में दिन निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ कर सà¤à¥€ पोषक यà¥à¤•à¥à¤¤ खाने को डायट में शामिल करें। à¤à¤¸à¤¾ करने से पाचन à¤à¥€ दà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ रहेगा और हाजमा à¤à¥€ खराब नहीं होगा।
पोषकता से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है
मूली में कई तरह के पोषक ततà¥à¤µ पाठजाते हैं, जैसे- जिंक, पोटैशियम, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®à¥¤ ये सà¤à¥€ पोषक ततà¥à¤µ गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के लिठबहà¥à¤¤ जरूरी होते हैं। साथ ही बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ का गरà¥à¤ में खà¥à¤¯à¤¾à¤² à¤à¥€ रखते हैं। मूली में फॉलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ पाया जाता है, जो à¤à¤• गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठबहà¥à¤¤ जरूरी होता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में मूली का सेवन करने से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के शरीर में आयरन की कमी नहीं होती है। वहीं, बचà¥à¤šà¥‡ विकास को सही तरीके से होने में फॉलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बहà¥à¤¤ मदद करती है।
बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करती है
मूली में à¤à¤‚टीहाइपरटेंसिव इफेकà¥à¤Ÿ पाया जाता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में हाइपरटेंशन के दौरान मूली का सेवन करने पर बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रहता है।
वजन को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करती है
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में वजन बढ़ना à¤à¤• आम बात होती है। लेकिन वजन का सामानà¥à¤¯ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होना डिलिवरी में समसà¥à¤¯à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर सकता है। इसलिठआपको पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में मूली का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ मूली में कम कैलोरी होती है, जिससे वजन को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद मिलती है। वहीं, मूली में डायटà¥à¤°à¥€ फाइबर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ और फैट व कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ कम होता है।
कैंसर से बचाता है
यूं तो पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कैंसर होना काफी रेयर है, लेकिन फिर à¤à¥€ मूली का सेवन उसके रिसà¥à¤• को कम करता है। मूली में à¤à¤‚टी-सारà¥à¤•िनोजेनिक पाठजाते हैं, जैसे- आइसोथायोसाइनेट और सà¥à¤²à¤«à¥‹à¤°à¤¾à¤«à¥‡à¤¨ à¤à¤‚टी-सारà¥à¤•िनोजेनिक मूली में मौजूद होते हैं। जो मां और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों को कैंसर से बचाते हैं।
यूरीन की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से बचाता है
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में मूली का सेवन करने से यूरीन का फà¥à¤²à¥‹ इमà¥à¤ªà¥à¤°à¥‚व होता है। मूली में डायूरेटिक गà¥à¤£ पाठजाते हैं जो पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होने से बचाता है। वहीं, मूली के à¤à¤‚टी-इफà¥à¤²à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के कारण à¤à¥€ कई तरह के यूरीन इंफेकà¥à¤¶à¤¨ नहीं होते हैं।
मूली खाà¤à¤‚ इमà¥à¤¯à¥‚निटी बढ़ाà¤à¤‚
मूली में विटामिन सी पाई जाती है, जिसके कारण इमà¥à¤¯à¥‚निटी सेल बूसà¥à¤Ÿ होती है। ये इमà¥à¤¯à¥‚निटी सेल मां और बचà¥à¤šà¥‡ के सेहत के लिठइमà¥à¤¯à¥‚निटी बढ़ाती हैं। सिरà¥à¤« à¤à¤• कप पकी हà¥à¤ˆ मूली खाने से रोज के 30 फीसदी विटामिन की जरूरत पूरी हो सकती है।
मूली में à¤à¤‚टीफंगल पà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥€
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मूली का सेवन आपको फंगस से बचाने का काम à¤à¥€ कर सकता है। मूली में à¤à¤‚टीफंगल पà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥€ होती है। इसमे à¤à¤‚टीफंगल पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ RsAFP2 पाई जाती है जो कवक की कोशिका को मारने का काम करती है। à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ के दौरान इस बात की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ हà¥à¤ˆ है कि मानव में पाठजाने वाले सामानà¥à¤¯ कवक कैंडिडा अलà¥à¤¬à¤¿à¤•ैंस (Candida albicans) को à¤à¤‚टीफंगल पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ मारने का काम करती है। कैंडिडा अलà¥à¤¬à¤¿à¤•ैंस (Candida albicans) के शरीर में बढ़ने के कारण वजाइनल यीसà¥à¤Ÿ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होने का खतरा à¤à¥€ बढ़ जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में ओरल यीसà¥à¤Ÿ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ बढ़ने का खतरा à¤à¥€ रहता है। चूहों में सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ के दौरान ये बात सामने आई है कि à¤à¤‚टीफंगल पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ कैंडिडा की अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ खतà¥à¤® करने का काम करता है। अब तो आप मूली के à¤à¤‚टीफंगल गà¥à¤£ के बारे में जान ही गठहोंगे।
विटिलिगो से राहत दिलाती है मूली
मूली का पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान उपयोग करने से पाचन दà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ तो रहता ही है साथ ही अनà¥à¤¯ बीमारियों से à¤à¥€ छà¥à¤Ÿà¤•ारा दिलाता है। मूली का सेवन करने से विटिलिगो की बीमारी से छà¥à¤Ÿà¤•ारा मिलता है। सà¥à¤•िन की इस पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤® को दूर करने के लिठरेडिस यानी मूली के बीज का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। मूली अपने à¤à¤‚टी-कॉरà¥à¤¸à¤¨à¥‹à¤œà¤¿à¤¨à¤¿à¤• गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के कारण बीमारी को दूर करने में मदद मिल सकती है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में मूली का सेवन कैसे करें?
मूली को खाने के पहले गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में अचà¥à¤›à¥€ तरह से धà¥à¤² दें। ताकि मूली से सà¤à¥€ तरह की मिटà¥à¤Ÿà¥€ और धूल निकल सके। इसके अलावा आप मूली को छील à¤à¥€ सकती हैं। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में मूली का सेवन पका कर करें। पकी मूली में बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और पैरासाइटà¥à¤¸ नहीं होंगे। इसके अलावा आप मूली के पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की à¤à¥€ सबà¥à¤œà¥€ बन सकती हैं। आप चाहें तो मूली का सलाद à¤à¥€ बना कर खा सकती हैं। आप मूली को पासà¥à¤¤à¤¾ सॉस में सॉटे कर के खा सकती हैं,
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में मूली का सेवन से कà¥à¤¯à¤¾ नà¥à¤•सान हो सकते हैं?
यूं तो मूली पूरी तरह से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ सबà¥à¤œà¥€ है, लेकिन कई बार गलत तरीके से मूली को खाना आपकी और बचà¥à¤šà¥‡ की सेहत पर à¤à¤¾à¤°à¥€ पड़ सकता है। मूली अगर अचà¥à¤›à¥‡ से साफ नहीं की गई हो तो पेट में मूली के साथ मिटà¥à¤Ÿà¥€ के कण à¤à¥€ जाà¤à¤‚गे। अगर मिटà¥à¤Ÿà¥€ दूषित रही तो इससे इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होने का खतरा है। पेट में ई. कोलाई, सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾ नामक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मिटà¥à¤Ÿà¥€ के साथ पहà¥à¤‚च कर संकà¥à¤°à¤®à¤£ फैला सकते हैं। जैसे- सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¥‰à¤¸à¤¿à¤¸, टॉकà¥à¤¸à¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤œà¤®à¥‰à¤¸à¤¿à¤¸ और शिगेलॉसिस इंफेकà¥à¤¶à¤¨ हो सकते हैं। ये संकà¥à¤°à¤®à¤£ हाई फीवर, शरीर दरà¥à¤¦, डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ आदि पैदा कर सकते हैं। वहीं, संकà¥à¤°à¤®à¤£ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने पर पà¥à¤°à¥€à¤®à¥‡à¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° लेबर, मिसकैरेज या सà¥à¤Ÿà¥€à¤² बरà¥à¤¥ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है।
इसलिठजब à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में मूली का सेवन करें, तब आप उसकी सफाई का पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें। तो इस तरह से आपने जाना कि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में मूली का सेवन करने से मां और बचà¥à¤šà¥‡ को कितना फायदा पहà¥à¤‚चता है। उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है कि आपको ये आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल पसंद आया होगा। अधिक जानकारी के लिठआप अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• कर सकती हैं।
उपरोकà¥à¤¤ जानकारी चिकितà¥à¤¸à¤¾ सलाह का विकलà¥à¤ª नहीं है। अगर आपको पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान डायट के बारे में जानकारी चाहिठतो बेहतर होगा कि डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर परामरà¥à¤¶ करें। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठऔर कà¥à¤¯à¤¾ नहीं, आप इस बारे में à¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जानकारी जरूर लें। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान खानपान में सावधानी रखना à¤à¥€ बहà¥à¤¤ जरूरी होता है। आपको पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान कà¥à¤› फूड होते हैं जिनका सेवन नहीं करना चाहिà¤à¥¤ इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर पूछें। आप सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधि अधिक जानकारी के लिठहैलो सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ है तो हैलो सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के फेसबà¥à¤• पेज में आप कमेंट बॉकà¥à¤¸ में पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ पूछ सकते हैं।
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